नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट से पहले दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हर जिले से करीब 30 से 40 आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों को पकड़ा गया है। वहीं कुछ लोगों के घरों के बाहर निगरानी भी रखी जा रही है। CJP के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। प्रदर्शन में लोगों को जुटाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस ऐसे लोगों के घरों के बाहर निगरानी रख रही है, जो दूसरों को CJP के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रभावित कर सकते हैं। दिल्ली पुलिस के सभी 15 जिलों में ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बता दें कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी आज एक बड़ा प्रोटेस्ट करने वाली है। दिल्ली पुलिस ने इस प्रोटेस्ट की इजाजत नहीं दी है। वहीं पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे शहर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लगभग 25 हजार जवानों को तैनात किया गया है। दिल्ली की लाइफलाइन मानी जानेवाली दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दी गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी के बॉर्डर, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को इजजात देने से इनकार करते हुए कहा था कि इस प्रदर्शन के संबंध में प्राप्त पत्र केवल एक सूचना मात्र था, न कि अनुमति मांगने के लिए नियमानुसार जमा किया गया आवेदन। बड़े पैमाने पर लोगों के जुटने की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर एकत्र होने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में निगरानी बढ़ा दी है।

सीएपीएफ भी तैनात
सुरक्षा व्यवस्था संभालने में दिल्ली पुलिस की मदद के लिए सीएपीएफ कंपनियां तैनात की जा रही हैं। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर जवानों की तैनाती की गई है। नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है, जहां संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कड़ी निगरानी रख रहे हैं। विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व करने वाले विशेष पुलिस आयुक्त भी घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आड़ में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने और मतदाता पंजीकरण के दस्तावेज 'फॉर्म 6' में बदलाव के लिए दो सहयोगी चुनाव आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप लग रहे हैं।
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